रात बीत गई

खुल गया सवेरा
रात बीत गई,
उजाला हो गया
तो बात बीत गई।
अब नई बात हो
भूल जा रात को
उजाला आ गया है
नई बात कर
नए प्रातः को।

Comments

5 responses to “रात बीत गई”

  1. बहुत खूब वा लाजवाब अभिव्यक्ति

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