राम नाम गाए

राम चरित मानस को मन में दोहराए
मिल कर के लोग सब सीता राम गाए
कलयुग में केवल ये नाम ही आधार है
सुमिर सुमिर भव से पार उतर जाए

Comments

One response to “राम नाम गाए”

  1. Thoughtful poetry

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