रियासत

रियासत है मेरी यह याद रखना,
तहजीब का चलन बरकार रखना।

Comments

3 responses to “रियासत”

  1. वाह रोबदार रचना

    1. धन्यवाद आपका शास्त्री जी परंतु कुछ लोगों को मेरे आने से शायद खुशी नहीं हुई।
      वह मेरी आलोचना को दिल से लगा बैठे हैं।

  2. बहुत ही उम्दा

Leave a Reply

New Report

Close