रिश्तों का सम्मान

भांप गया सत्य बात ,जो मानता नहीं
सच कहे ‘मंगल ‘देश में,दुश्मन बड़ा वही !
भूख – प्यास जकड़न भल ,भरमता कहा सही
पूजी मिली प्यार की ,ठुकराता चला कहीं |
सम्मान रिश्तों का नहीं ,उड़ान आकाशे बही
पास फेसबुक साथ लिए ,हताश जिंदगी रही !
मंगल रिश्तों का सम्मान ,निभाया जिसने नहीं
रचनात्मकता फीकी पड़ी,वह टिकता नहीं कही|| -SUKHMANGAL SINGH “

Comments

8 responses to “रिश्तों का सम्मान”

    1. Sukhmangal Avatar

      हार्दिक धन्यवाद ashmita replied जी

    1. Sukhmangal Avatar

      शुक्रिया जनाब,राही अंजाना जी

    1. Sukhmangal Avatar

      हार्दिक शुभकामनाएं आदरणीय Mithilesh Rai जी

  1. राम नरेशपुरवाला

    Wah

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