7 Comments

  1. “ओ कलम! हाथ मेरे आकर अब न रुक वेदना को कहते जा”
    कवि के पास यही तो एक साधन होता है,जिससे वह अपने हृदय की वेदना और उल्लास को व्यक्त कर सकता है
    बहुत सुंदर काव्य लाजवाब अभिव्यक्ति

Leave a Reply