“लड़कियां जैसे पहला प्यार”

वह थी बिजली की कौंध सी
वह थी निश्चल प्रेम सी
वह थी सावन की फुहार
लड़कियाँ जैसे पहला प्यार
लड़कियाँ जैसे पहला प्यार।
गीत गाता हो जैसे सावन
मन हो जाता पुलकित पावन
आये आंगन में बहार
लड़कियां जैसे पहला प्यार लड़कियां जैसे पहला प्यार।

Comments

2 responses to ““लड़कियां जैसे पहला प्यार””

  1. रोहित

    लड़कियां जैसे पहला प्यार बहुत सुंदर

    1. धन्यवाद आदरणीय 

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