लावा

कभी तेरे प्यार का लावा था रगों में
जिसमे कई हसरतें जलकर मर गई
आज उस लावे के साथ-साथ
माशूका की नजरें भी सर्द पड़ गई.

Comments

6 responses to “लावा”

    1. nitu kandera

      वाह

    2. nitu kandera

      धन्यवाद

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