लुटा हुआ वर्चस्व है।।

लुटा हुआ वर्चस्व है
लुटा हुआ संसार
यह सब देख के नेता जी
आए मेरे द्वार आए
मेरे द्वार धोती बांधे बांधे
होठों पर मुस्कान
ह्रदय में शूल को बांधे
बोले हमसे ना भीड़ो
हो जाएगी हार
षड्यंत्रों से गिरा देंगे
तुम्हारी मिली जुली सरकार।।

Comments

2 responses to “लुटा हुआ वर्चस्व है।।”

    1. धन्यवाद 

Leave a Reply

New Report

Close