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  1. आ गई मैं मंदिर में,
    धोकर अपने हाथ पैर
    ताकि संग मेरे ना आए,
    कोई कपट कोई बैर
    घंटा बजाकर सुना मधुर स्वर,
    उसकी तरंगों से धार्मिक हुए विचार

    बहुत सुंदर विचार

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