*वही एहसास*

थकान नहीं मुझे,आराम चाहिए
तू दूर नहीं, मेरे पास चाहिए
आंख लग जाए आज जी भर के मेरी,
मां, तेरी गोदी का वही एहसास चाहिए..

*****✍️गीता

Comments

6 responses to “*वही एहसास*”

  1. बहुत ही सुंदर पंक्तियां हैं दी माँ के लिए

    1. Geeta kumari

      हां प्रज्ञा ,सच कहा । समीक्षा के लिए बहुत बहुत धन्यवाद ।मां की गोदी सब थकान दूर कर देती है।

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    1. Geeta kumari

      Thanks Vivek bhai

  3. बहुत सुन्दर

    1. Geeta kumari

      धन्यवाद सुमन जी

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