बहती है हवा रातों को,
तो कभी चमकता सितारा होता है।
होती है मोहब्बत जिसे बार बार,
उसे बेवफ़ाई का सहारा होता है।
By Rajjneesh
वही पुरानी तसल्ली
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2 responses to “वही पुरानी तसल्ली”
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वाह
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वाह
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