वह बच सकती थी!!!

वह बच सकती थी!!!

वह बच सकती थी
अगर वह चिल्ला सकती
उस दिन जब खेल खेल में
किरायेदार अंकल
उसे गोद मे उठा दुलारने लगे
और वह दुलार जब तकलीफदेह होने लगा
तब वह अगर चिल्ला पाती
तो वह बच सकती थी
संभवतः उसे पता ही नहीं था
कि चीख भी एक अस्त्र है

वह बच सकती थी
बार-बार अतिक्रमित होने से
अगर वह कहना जानती
उस दिन जब देर रात
घर वाले अंकल की उंगलियां
उसके अंगों पर
भयंकर तांडव करने लगीं
वह रोक सकती थी यह तांडव
अगर वह कह पाती
संभवतः वह नहीं जानती थी
कि कहना एक संजीवनी है

वह बच सकती थी
अगर उसे पढ़ाया गया होता
शरीर विज्ञान
ताकि वह समझ पाती
विभिन्न स्पर्शों का अंतर

खैर, उसकी छोड़ो
तुम तो जानती हो न बिटिया
चीखना, कहना और
स्पर्शों का अंतर?

Comments

3 responses to “वह बच सकती थी!!!”

  1. ashmita Avatar
    ashmita

    Meaningful poetry

    1. Lalit Kumar Mishra Avatar

      शुक्रिया अश्मिता

  2. Abhishek kumar

    Nice

Leave a Reply

New Report

Close