4 Comments

  1. “अपने कृत्यों की सजाकर डायरी
    जा रहे वक्त के पन्नों में आप लिख लेना।”
    बहुत ही सुन्दर और उपयोगी सुझाव दिया है कवि सतीश जी ने अपनी कविता के माध्यम से । स्वयं का अवलोकन करने का यह उत्तम तरीका है। अति सुन्दर शिल्प और उत्कृष्ट कथ्य सहित अति उत्तम प्रस्तुति, उम्दा लेखन

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