(3)
दूसरों के घाव देखने वाले
कभी अपने घाव नहीं भर पाते।।1।।
वर्तमान हि सब – कुछ हैं
भूत वासना का घर
और भविष्य चिन्ता का जंगम हैं ।।2।।
जो आंतरिक दुश्मन से लड़ते हैं
उसके बाहरी दोस्त नहीं होते ।।3।।
समझदारी अनुभव से आती हैं
और अनुभव ज़िन्दग़ी सिखलाती हैं ।।4।।
भूत, वर्तमान के गाल पर एक शानदार तमाचा हैं
अत: भूत कि याद, भविष्य के लिए खतरा हैं ।।5।।
📜✍️ विकास कुमार
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