विपुल कुमार मिश्र की कलम से

आँख की कीमत आशुओं से है

और दर्द ने दिल को दिल बनाया है

हम तो रह जाते सीधे-सादे ही

दोस्तों ने हमे भी मतलबी बनाया है

#VIP~

Comments

6 responses to “विपुल कुमार मिश्र की कलम से”

    1. Vipul Mishra Avatar

      सादर आभार

  1. Abhishek kumar

    Wow

Leave a Reply

New Report

Close