शख्शियत…..

इस चाँद की शख्शियत भी कुछ काम नहीं तुझ से ज़ालिम
जब भी मन करता है देखने को, कम्बख्क्त ये नज़र नहीं आता……………!!

D K

Comments

One response to “शख्शियत…..”

  1. Abhishek kumar

    Nice ji

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