शयरों की बसती

कभी अकेला महसूस हो तोह
शायरों की बसती जाओ जनाब
किसी का प्यार पूरा नहीं पर बात वह मोह्बत की करते है

जिनके प्यार को समाज ने ना अपनाया बात वह
दिलों को जोड़ने की बात करते है
साथ रहने की बात करते है

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