शरद का चाँद

सुन्दर चमकता चाँद
देखेंगे शरद का आप हम
छत पर चलेंगे रात के
नौ-दस बजे के बीच हम।
मांग लेंगे चाँद से
दाम्पत्य जीवन में बहारें,
चाँद की सुन्दर चमक
को आप हम खुद में उतारें।

Comments

4 responses to “शरद का चाँद”

  1. Geeta kumari

    “मांग लेंगे चाँद से दाम्पत्य जीवन में बहारें,चाँद की सुन्दर चमक
    को आप हम खुद में उतारें।” शरद के चांद पर बहुत सुंदर कविता
    और दाम्पत्य जीवन में खुशियां मांगने की बहुत ही ख़ूबसूरत अभिव्यक्ति । बेहतर शिल्प के साथ बेहद शानदार रचना

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