तूम सागर हो तो ,
हम लहर है तुम्हारी।
तुम वजा हो; उसकी ,
जो लगी है हमें बीमारी।
शायद ही कोई लम्हा हो,
जब आए ना याद तुम्हारी।
अब ख़ुदा ही जाने ,
क्या खता हुई हमसे ,
जो आई ना याद तुमें हमारी।
शायरी
Comments
4 responses to “शायरी”
-
तुम
वजह
सच्चे प्यार का यही अंजाम होता है-

धन्यवाद सर, गलतियां बहुत कुछ सीखाती है किन्तु App में गलती सुधारने की सुविधा नहीं है सर ,अब ऐसे ही काम चलाना पड़ेगा
-
जी यह बहुत बड़ी मुश्किल है कि एडिट का ऑप्शन नहीं है
-
-
-
सुंदर
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.