शुमार

आदतों में कहाँ ये शुमार है
अपनों के लिए जगह नहीं
बस औरों के लिए प्यार है ।
आपकी अदा है
आपका अपना यह सारा जहाँ
बस गैरो की खातिर
अपने से ही टकरार है ।

Comments

4 responses to “शुमार”

    1. Suman Kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद

  1. Praduman Amit

    बहुत ही सुन्दर।

    1. Suman Kumari

      बहुत बहुत धन्यवाद अमित जी

Leave a Reply

New Report

Close