संकल्प हमारी पहचान है

संकल्प हमारी पहचान है
फिसलन विषयों में अब-तक राग है
उठना ही जिन्दगी है
गिरना शोभा तुम्हें देता नहीं है ।।
—————————————-
उठने में परम आनंद है
विषयानुराग मौत-ही मौत है
जिन्दगी द्वार खड़ी है,
दरबाजा खोल,
संकल्प तुम्हारी पहचान है ।।2।।
——————————————
गिरेगा कैसे?
जब हाथ पकड़े है राम तेरे
प्रण टूटेगा नहीं तेरा
जब खूद में तु व्यस्त है ।।3।।
————————————-
हाँ खूद से दूर जाना नहीं तुम
लाख सताये दुनिया तुम्हें
लेकिन खूद को भुलना मत तुम ।।
विकास कुमार

Comments

2 responses to “संकल्प हमारी पहचान है”

  1. Amita Gupta

    बहुत सुंदर

  2. राकेश पाठक

    Nice

Leave a Reply

New Report

Close