संघर्षों में जीवन की तू परिभाषा कहलाती है

संघर्षों में जीवन की तू परिभाषा कहलाती है,

रंग बिरंगी तितली सी तू इधर उधर मंडराती है,

खुद को पल- पल उलझा कर तू हर मुश्किल सुलझाती है,

खुली हवा में खोल के बाहें तू मन ही मन मुस्काती है,

आँखे बड़ी दिखाकर तू जब खुद बच्ची बन जाती है,

मेरे ख़्वाबों को वहम नहीं तू लक्ष्य सही दिखलाती है।।

राही (अंजाना)

Comments

10 responses to “संघर्षों में जीवन की तू परिभाषा कहलाती है”

  1. Sridhar Avatar
    Sridhar

    bahut sundar…laazbaab

  2. mansi Avatar

    very nice sir good job

  3. Neetu Avatar
    Neetu

    ?????????

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