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  1. आज के बाद अपना
    दिल कभी मत रुलाना।
    पास है जो भी तेरे
    पकड़ चलता ही रह तू
    अब मुझे मत रुलाना
    भाग्य से कहता चल तू।… जिन्दगी के बुरे दिन
    भूलने होंगे पथिक,
    भुला कर वे बुरे दिन
    पग बढ़ाने होंगे पथिक।
    ……….. सम्पूर्ण कविता बहुत ही प्रेरक है.. उदास मन को शांत करने वाली बहुत सुन्दर और उच्च स्तरीय रचना… लेखनी को अभिवादन 🙏

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