ग़मगीन हालत में जो ला सके,
अधरों पर मुस्कान।
वही तो सच्चा मित्र है,
उसकी निस्वार्थ मोहब्बत है महान।
सुख-समय में करे जो हंसी-मजाक भी,
संकट की घड़ी में जिम्मेदारी ले सुख देने की।
दोस्त के सुख दुःख की हो
जिसे पहचान,
कठिन हालात में भी लबों पर ला सके मुस्कान।
ऐसा दोस्त ज़िन्दगी का खज़ाना है,
सबकी किस्मत में कहाॅं ऐसे दोस्त का पाना है॥
______✍गीता
सच्चा मित्र
Comments
2 responses to “सच्चा मित्र”
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बहुत लाजवाब प्रस्तुति
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बहुत बहुत धन्यवाद सतीश जी
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