7 Comments

  1. वाह सर, बहुत सुंदर काव्य सौंदर्य है। ” मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन” वाचिक भार युक्त ‘विजात छन्द’ की अद्भुत रचना है सर। आपकी लेखनी कमाल है।

  2. उठा लें अब खड़क को हम
    मसल दें दुश्मनों को हम।
    करें प्रयास सारे मिल,
    बुराई दूर कर दें सब,
    हर तरफ हो सुहाना कल,
    सुहाना कल सुहाने पल।
    _____________ देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत और वीर रस से सुसज्जित कवि सतीश जी की बेहद शानदार रचना । कमाल का लेखन “विजात छंद” में एक अनुपम रचना, वाह!

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