6 Comments

  1. विचार ही तो हैं जो
    व्यक्तित्व लिखते हैं मेरा,
    सदविचार उत्साहित कर
    बाग सींचते हैं मेरा।
    ___________ कवि सतीश जी की एक दम सच्ची प्रस्तुति, कोई भी व्यक्ति अपनी रचना में अपने विचार ही तो लिखता है.. बहुत सुंदर शिल्प , भाव और सुन्दर लय के साथ शानदार रचना।

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