अक्सर आगे बढ़ने पर
रुकावटें आती हैं
मंजिल बहुत दूर बहुत दूर
नजर आती है
पर किया भी क्या जाये
जब सपनें हों इतने बड़े कि
सोने ना दें
जागने पर भी चैन से रहने ना दें
सपना देखा है
आसमां में छा जाने का
जुनून है मुझे आगे बढ़ जाने का
वादा है अपने सपने को सचकर
दिखलाऊंगी
नहीं तो मैं सपने देखना ही भूल जाऊंगी
सपने वो नहीं होते जो
सोने के बाद आयें
सपने तो वो होते हैं जो
हमें सोने ना दें और दिन-रात जगायें….
सपनें तो वो होते हैं…!!
Comments
7 responses to “सपनें तो वो होते हैं…!!”
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अतिसुंदर भाव
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Thanks
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जुनून इनसान को क्या नहीं करवाती है।
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धन्यवाद आपका सर
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किसी काम को करने की लगन हो तो मंज़िल आवश्य ही कदम चूमेगी बहुत प्रेरक रचना
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धन्यवाद गीता जी..
१३-७ है तो मुझे क्या कमी है-
Awww , Always pragya ji
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