आप पर दो पंक्तियाँ
लिखना तो चाहता था,
लेकिन न लिख सकूँगा
थक सा गया हूँ दिन भर
आंखें हैं नींद पथ पर
अब कल सुबह लिखूंगा।
सपनों में शब्द चुनकर
रफ सी करूँगा कविता
जागूँगा जब सुबह को
बस आप पर लिखूंगा।
सपनों में शब्द चुनकर
Comments
14 responses to “सपनों में शब्द चुनकर”
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Waah waah waah
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Thank you
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बहुत खूब
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बहुत धन्यवाद, सादर धन्यवाद
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Very beautiful poem
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Thank you जी
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वाह
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बहुत बहुत धन्यवाद
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वाह क्या बात है
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धन्यवाद
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बढ़िया, बहुत ही
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धन्यवाद जी
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बहुत खूब
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Thank you
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