सब यहीं धरा रह जाएगा

यह तन तो है माटी का बंदे,
माटी में मिल जाएगा,
जब अंत समय आएगा तो,
सब यहीं धरा रह जाएगा।
किस बात का है अभिमान तुझे,
किस बात पर तू इतराता है,
यह पैसा- कौड़,ऐशोआराम,
जीवन में आता जाता है,
जब तक तू जिए तो ऐसे जिए,
ना कष्ट किसी को हो तुझसे,
सब याद करें अंतर्मन से,
जीवन की अंतिम यात्रा में,ना होगा इतना सामर्थ्य तुममें,
दूजों के कंधों पर जाएगा।
सब यहीं धरा रह जाएगा।।

Comments

7 responses to “सब यहीं धरा रह जाएगा”

  1. बहुत सुन्दर प्रस्तुति 

    1. समीक्षा हेतु धन्यवाद

  2. vikash kumar

    Reality fact is zero

  3. जब अंत समय आएगा , तो सब यही धरा रह जाएगा 
    अति सुंदर

  4. अति सुन्दर

  5. बहुत ही सुंदर अभिव्यक्ति

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