समय रहते

हाँ कुछ लोगों को समय रहते ही ज्ञान आ जाए
अपनी क्षुधा की तृप्ति में, किसी और का चैन न उङाए

Comments

10 responses to “समय रहते”

  1. बहुत जबरदस्त और सच्ची पंक्तियाँ। लेखन प्रतिभा को सेल्युट

    1. सादर आभार

    1. सादर आभार

  2. Geeta kumari

    बहुत शानदार प्रस्तुति है सुमन जी , बहुत ख़ूब

    1. सादर आभार गीता जी

  3. बहुत ही उम्दा 👏👏👏

    1. Suman Kumari

      सादर आभार

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