समेटते हुए ,
आ रहे हैं हम,
आज भी ,
उन दिल के टुकड़ों को,
जो वर्षों पहले टूटा था।
समेटे हुए
Comments
14 responses to “समेटे हुए”
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Nice
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Thank you
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वाह
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हार्दिक धन्यवाद सर
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सुन्दर
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धन्यवाद जी
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बहुत खूब
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धन्यवाद
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Nice
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धन्यवाद जी
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Nice! 👌
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Thank you
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टूटे दिल की दास्तां
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Thank you
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