सावन उन्हें भिगो दे

सावन उन्हें भिगो दे
सूखे पड़े हैं जो दिल
राही हैं प्रेम के जो
मिल जाये उनको मंजिल।
मुस्कान उनके लब पर
उस वक्त जाये खिल
जिस वक्त रास्ते में
हमको वो जायें मिल।
रिश्ते फटे-पुराने
उस वक्त जाएं सिल,
जिस वक्त रास्ते में
हमको वो जाएं मिल।

Comments

2 responses to “सावन उन्हें भिगो दे”

  1. बहुत सुन्दर पंक्तियाँ, बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति

  2. बहुत सुन्दर प्रस्तुति

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