*सावन पर संगीत*

गीता हूं
गीत लिखा करती हूं
अपने मन की
प्रीत लिखा करती हूं
आप आए इस जीवन में,
सुखद सावन से
सावन पर ही, संगीत लिखा करती हूं..

*****✍️गीता

Comments

6 responses to “*सावन पर संगीत*”

    1. बहुत बहुत धन्यवाद भाई जी 🙏

  1. SANDEEP KALA BANGOTHARI

    सुन्दर रचना

    1. धन्यवाद सर

  2. कम शब्दों में अपने भाव पहुंचाती गीता जी
    आप एक वरिष्ठ कवियित्री हैं

    1. सुन्दर समीक्षा हेतु आपका हार्दिक धन्यवाद प्रज्ञा जी और सराहना हेतु आभार

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