सावन मन भावन

पकड़ वारि की धार झूलता है मेरा मन,
आओ रे सब मुझे घेर कर गाओ सावन!
इन्द्रधनुष के झूले में झूलें मिल सब जन,
फिर फिर आए जीवन में सावन मन भावन!

Comments

4 responses to “सावन मन भावन”

  1. महेश गुप्ता जौनपुरी Avatar
    महेश गुप्ता जौनपुरी

    वाह बहुत सुंदर

  2. राम नरेशपुरवाला

    Good

  3. राम नरेशपुरवाला

    Wah

Leave a Reply

New Report

Close