साहित्य लिखो क्यों
तुम आपस में लड़ते रहते हो
कभी तुम जीतो कभी वो हारे
क्यों जीत-हार में रोते हो
पैसे कमाने के साधन
तो दुनिया में हैं बहुत पड़े
साहित्य लिखो
क्यों पुरस्कार की
खातिर लड़ते रहते हो…
साहित्य लिखो
Comments
3 responses to “साहित्य लिखो”
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बेकार के झंझट में ना पड़ें आपसे आग्रह है मेरा नाम किसी भी प्रपंच में ना लें, मैं स्वयं सक्षम हूं हर प्रकार से समर्थ हूँ
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बिल्कुल सत्य
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अगर दिन अच्छे हों तो वह कमेंट तुरंत डिलीट करें
मुझे BC बिल्कुल पसंद नहीं और मेरा वकील बनना बंद करें..
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