प्रेम की वैतरणी में बहना तुम्हारे साथ,
एक अद्भुत एहसास।
जान डाल दी हो जैसे मिट्टी की गुड़िया में किसी जादूगर ने,
बना दिया उसे सिंड्रेला फिर एक बार।
निमिषा सिंघल
सिंड्रेला
Comments
9 responses to “सिंड्रेला”
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वाह
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😍😍💞💞
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सुंदर
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🙏🙏
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बहुत सुन्दर।
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🙏🏼🙏🏼🙏🏼🙏🏼
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🙏🏼🙏🏼🌺🌺
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बहुत सुंदर
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❤️❤️❤️❤️❤️
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