सीमा में दुश्मन

आज फिर से हरकतें
सीमा में दुश्मन कर रहे हैं,
बेवजह उत्पात कर
हमको परेशां कर रहे हैं।
चीन अपनी बदनीयत से
जाल फैलाने जुटा है,
पाक को कब्जे में लेकर
साजिशें करने लगा है।
साथ में नेपाल को
लालच को लाकर वह ड्रैगन
भूमि उसकी हिन्द के
विपरीत करने में लगा है।
अब हमें सावधान होकर
तोडना है साजिशों को,
साध अर्जुन सा निशाना
रोकना है जालिमों को

Comments

6 responses to “सीमा में दुश्मन”

  1. वाह पाण्डेय जी, बहुत जबरदस्त

  2. Virendra sen Avatar
    Virendra sen

    वर्तमान परिस्थितियों का खूबसूरत चित्रण

  3. अत्यंत उम्दा रचना

  4. बहुत ही बढ़िया

  5. Geeta kumari

    सचमुच ही देश के दुश्मनों ने परेशान कर दिया है । यथार्थ चित्रण
    देश प्रेम की बहुत सुन्दर रचना

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