सोच समझ इंसान

हवा हवा में उड़ नहीं, सोच समझ इंसान,
हवा बिना ये फेफड़े, नहीं करेंगे काम।
नहीं करेंगे काम, जिन्दगी उड़ जायेगी,
बिना सजग रहे सब, धूल में मिल जायेगी।
कहे लेखनी काम कर रही आज एक दवा,
मुँह में मास्क लगा, छान छान कर ले हवा।

Comments

2 responses to “सोच समझ इंसान”

  1. Amita Gupta

    बहुत सुंदर पंक्तियां

  2. vikash kumar

    Great

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