जब देश की विकास दर बढ़ती है
तो जाल फैलाया जाता है
सोशल मीडिया के पिंजरे में
नई पीढ़ी को फसाया जाता है
कुछ बाज सयाने उड़ जाते हैं
जो जान गए रणनीति को नीति को
वह चाल विदेशी समझ गए
उन होने वाली अनीति को
पर कुछ पंछी जो न्याने थे
रणनीति से अनजाने थे
वह फंसे हुए हैं पिंजरे में
अनुभवी की बात ना माने थे
वहां तो कुछ नहीं मिलता है
बस भ्रम फैलाने का धंधा है
घर बार बुला दिए जाते हैं
ये खेल बड़ा ही गंदा है
सोशल मीडिया के फंदे
Comments
8 responses to “सोशल मीडिया के फंदे”
-

Good
-

Thanks
-
-

Sahi baat
-

🙏🙏🙏
-
-
Nice
-

🙏🙏🙏
-
-

Nice
-

💐💐💐
-
Leave a Reply
You must be logged in to post a comment.