सड़कों के गड्ढे भर दो ना

सड़कों के गड्ढे भर दो ना
सचमुच विकास कर दो ना,
जो किये वायदे हमेशा से
उनमें दो-चार पूरे कर दो ना।

Comments

14 responses to “सड़कों के गड्ढे भर दो ना”

  1. बहुत ही सुंदर

    1. Satish Pandey

      धन्यवाद

  2. नेताओं और सरकार पर अच्छा तंज कसती व्यंगात्मक पंक्तियां

    1. Satish Pandey

      बहुत बहुत धन्यवाद

    1. Satish Pandey

      Thanks

  3. व्यंग्यात्मक शैली में सच्चाई को सामने लाने वाली सुन्दर कविता

    1. Satish Pandey

      बहुत बहुत धन्यवाद

    1. Satish Pandey

      धन्यवाद जी

  4. वास्तविकता का चित्रण किया गया है

    1. Satish Pandey

      आभार संदीप जी

    1. Satish Pandey

      सादर धन्यवाद

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