हर चेहरा नकली है, हर रूह खुदगर्ज यहां
उस रूह को ढूंढ़ रही हूँ जो हो अपनी यहां
न कोई मुखोटा हो, न दीवारें हों
रूह से रूबरू हो हर रिश्ता यहां
हर चेहरा नकली है
Comments
9 responses to “हर चेहरा नकली है”
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वाह
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shukriya
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बेहतरीन
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shukriya
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वाह
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सुन्दर
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Good
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Good
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बेहतरीन प्रस्तुति
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