आप चाहते तो हालात बदल सकते थे, आप के आंसू मेरी आंखो से निकल सकते थे । मगर आप तो ठहर गए झील के पानी की तरह, दरिया बनते तो बहुत दूर निकल सकते थे।
हालात
Comments
7 responses to “हालात”
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वाह वाह अतिउत्तम, लेखनी की अद्भुत क्षमता को सैल्यूट
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बहुत बहुत आभार
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अति सुंदर
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बहुत बहुत आभार
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वाह वाह
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सुन्दर
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लाजवाब
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