वोट लेने आए नेता हमको जीता दो
अपनी भी समस्याएँ सारी हमको बता दो
लाऊँगा मै विकास आप सबके घरों में
मुझको उस विकास का बस पता बता दो.
पंकज बिंदास
हास्य, व्यंग्य
Comments
One response to “हास्य, व्यंग्य”
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saavan Redefining poetry के साथ जुड़कर मुझे सुखद अनुभूति हो रही है, ऐसा लग रहा है जैसे जीवन का नवीन सुस्पष्ट अध्याय मिल गया हो. मुझे विश्वास है कि आपके साथ मेरा अनुभव अनंत बढ़ता रहेगा.
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