हिज्र-ऐ-रात……

सुना था इश्क़-ऐ-हिज्र मैं आ जाती है मौत सबको 

मगर, हमें तो नींद तक नहीं आयी एक भी हिज्र-ऐ-रात में……….!!  (d k)

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