14 Comments

  1. समाज में जो कमियां हैं उन्हें सुधारने की बजाए हम महिलाओं पर पहरें लगाते हैं ,बंदिशें लगाते हैं जिसमें महिलाओं का कोई दोष नहीं होता है
    बहुत ही सुंदर एवं यथार्थपरक भावों का समावेश
    बहुत ही उम्दा लेखनी

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