हिन्दी हमारी भाषा

हर भाषण में हिंदी होनी चाहिए,
दुनिया भर में प्यार की लूट,
तुम भारत की शान हो हिंदी,
कितना घमण्ड करूँ तुम पर,
मेरे पास शब्दों की कमी है
मुझे आपको नीचे रखना है, आपको कवर करना है
तुम मेरी पोशाक हिंदी हो।

तुम मकई के कान में हो,
आप सरसों के बीज में हैं,
कच्चे कच्चे रास्ते पर,
तुम गांवों की गलियों में हो,
तुम कुएं के पानी में हो,
आप खेत शेड हिंदी हैं।

तुम पापा की डांट में,
तुम माँ के हाथों में हो
तुम दादी के चश्मे में हो,
आप दादा के कंधों में हैं,
तुम आंगन की चीखों में,
तुम ही काजल हिन्दी हो।

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