*हिन्दू नूतन वर्ष*

यह हिन्दू नूतन वर्ष सभी को,
हृदय में प्यार दे,
खु़शियाँ अपरम्पार दे
नए गेहूँ, चावल धान दे
शिक्षा का वरदान दे
दुखियों के दुख दूर कर सकूँ,
सब को सदा सम्मान दूॅं
ऐसा मुझे वरदान दे।
परस्पर हित की हो भावना,
कुटुम्ब और मित्रों में हो
प्रीत की सद्भावना।
निर्मल, स्वच्छ मोती सा मन हो,
नव-वर्ष में निरोगी तन हो।
खुशियाँ और उत्साह रहे,
ऐसा सुन्दर जीवन हो॥
____✍गीता

Comments

4 responses to “*हिन्दू नूतन वर्ष*”

  1. अतिसुंदर रचना

    1. बहुत-बहुत धन्यवाद भाई जी🙏

  2. Satish Pandey

    निर्मल, स्वच्छ मोती सा मन हो,
    नव-वर्ष में निरोगी तन हो।
    खुशियाँ और उत्साह रहे,
    ऐसा सुन्दर जीवन हो॥
    ——- बहुत सुंदर विचार, अति उत्तम रचना। वाह

    1. Geeta kumari

      उत्साहवर्धन के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद सतीश जी

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