पहाड़ों के अंचल से
निकली है हिम तरंगिणी
काव्य की सरिता बहाने
निकली है हिम तरंगिणी।
—- 32 प्रबुद्ध कवियों के साझा काव्य संकलन हिम तरंगिणी में इसी सावन पटल पर मुलाकात हुई विद्वान कवियित्री गीता कुमारी जी और अन्य के साथ प्रकाशित हुआ हमारा साझा काव्य संकलन।
हिम तरंगिणी
Comments
One response to “हिम तरंगिणी”
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बहुत बहुत बधाईयां आप सभी सहभागियों को
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