हुकुम हजूर का

एक हुकुम आया मेरे हजूर का
घुंघट में छुपा लो अपना चेहरा यह नूर का
लगे ना नजर किसी का काफिर की
तुमको हिफाजत ना होगी मैं राही हूं दूर का

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