हुनर

चढ़ना सीख लो “राही” ऊँची चोटी पर,

मगर उतरने का हुनर भी याद रखना,

बनते हैं तो बन जाए दुश्मन दोस्त पुराने,

मगर दोस्ती की तुम हर मोड़ पर मिसाल बनाये रखना,

करेंगे तोड़ने की कोशिश हर बारे तुम्हें दुनिया वाले,

मगर इरादों के मजबूत तुम अपने मकान बनाये रखना,

लगाते हैं हर मोड़ पर लत नई लोग सयाने,

मगर हार कर भी जीतने का तुम एहसास बनाये रखना॥

राही (अंजाना)

Comments

4 responses to “हुनर”

    1. Rahi (Anjana) Avatar
      Rahi (Anjana)

      Thanks dada

    1. Rahi (Anjana) Avatar
      Rahi (Anjana)

      Thanks da

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